अभिनव भारत शिक्षण संस्था संचलित, नेताजी सुभाषचंद्र बोस महाविद्यालय में हिंदी विभाग की ओर से हिंदी पखवाड़े के अंतर्गत हिंदी दिवस समारोह का आयोजन किया गया था l इस कार्यक्रम के अध्यक्ष महाविद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. महेंद्रकुमार कुलकर्णी थे l प्रमुख अतिथि तथा वक्ता के रूप में महात्मा ज्योतिबा फुले महाविद्यालय, मुखेड़ के हिंदी विभागाध्यक्ष प्रा. डॉ. चंद्रकांत एकलारे उपस्थित थे l उन्होंने “विकसित भारत का आधार : आत्मनिर्भर हिंदी” इस विषय पर बात करते हुए कहा कि आज हिंदी आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढने वाली भाषा है l आधुनिक समय में हिंदी के ज्ञान के आधार पर अनेक क्षेत्रों में रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध हो रहे है l पत्रकारिता, अनुवाद, ब्लॉग लेखन, रिल्स तथा विभिन्न संचार माध्यमों में हिंदी भाषा का उपयोग निरंतर बढ रहा है l साथ में ये भी कहा कि हिंदी जन-जन और मन की भाषा है l हिंदी भाषा ने देश के विभिन्न भाषायी और सांस्कृतिक समुदायों को जोडने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है l हिंदी दिवस समारोह में प्रमुख उपस्थिति के रूप मे पधारे हुए उर्दू विभाग प्रमुख प्रो. डॉ. इर्शाद खान ने कहां कि यदि हम सामान्य बातचीत पर ध्यान दें तो हमें अनेक ऐसे शब्द मिलते हैं जिनका प्रयोग हिंदी और उर्दू दोनों में सहज रूप से होता है l दोनों भाषाओं के बीच केवल भाषायी संबंध ही नही बल्कि लंबे समय से सामाजिक और सांस्कृतिक संपर्क भी रहा है l हिंदी और उर्दू का संबंध भारतीय साहित्य में भी दिखाई देता है l इस समारोह का प्रास्ताविक करते हुए हिंदी विभाग प्रमुख प्रो. डॉ. परविंदरकौर महाजन ने हिंदी विभाग की विभिन्न गतिविधियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि छात्रों के व्यक्तित्व विकास में भाषा की महत्त्वपूर्ण भूमिका होती है l इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में निबंध प्रतियोगिता, वक्तृत्व स्पर्धा और काव्य वाचन जैसी विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाना छात्रों के लिए अत्यंत उपयोगी है l ऐसी प्रतियोगिताओं के माध्यम से छात्रों को अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करने के साथ-साथ अपनी भाषा को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का अवसर मिलता है l अध्यक्षीय समापन में प्रधानाचार्य डॉ. महेंद्रकुमार कुलकर्णी ने हिंदी दिवस समारोह के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि हिंदी भाषा के प्रति छात्रों में प्रेम और रुचि निर्माण करने के लिए महाविद्यालय स्तर पर इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए l साथ ही उन्होंने विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय, तृतीय या उत्तेजनार्थ स्थान प्राप्त करने वाले छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि महाविद्यालयीन छात्रों को ऐसी गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लेना चाहिए l हार-जीत से अधिक महत्त्वपूर्ण है सहभागिता और उससे प्राप्त अनुभव, ऐसा कहते हुए हिंदी प्रतिज्ञा का वाचन भी किया l इस अवसर पर मान्यवरों के करकमलों द्वारा हिंदी साहित्य मंडल का उद्घाटन भी किया गया l साथ ही इस समारोह में छात्रों द्वारा बनाये गये भित्तिपत्रकों का विमोचन मंच पर उपस्थित मान्यवरों के हाथों किया गया l हिंदी पखवाड़े के अंतर्गत हिंदी विभाग द्वारा विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया था l जिसमें निबंध स्पर्धा में वैशाली गायकवाड़ को प्रथम, वैद्यही महाजन को द्वितीय, प्रेरणा सावते को तृतीय और खुशी वर्मा को उत्तेजनार्थ पुरस्कार मिला l वक्तृत्व स्पर्धा में सूरज डाके को प्रथम, सुखजिंदरकौर जकरेवाले को द्वितीय, सिमरन शेख को तृतीय तथा खुशी वर्मा को उत्तेजनार्थ पुरस्कार मिला l काव्य वाचन प्रतियोगिता में सुखजिंदरकौर जकरेवाले को प्रथम, सूरज डाके को द्वितीय, वैशाली गायकवाड़ को तृतीय और चांद पठान को उत्तेजनार्थ पुरस्कार मिला l प्रथम, द्वितीय, तृतीय और उत्तेजनार्थ स्थान प्राप्त करने वाले छात्रों को मान्यवारों के हाथों पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया l इसके साथ ही इस समारोह में हिंदी प्रश्नमंच का आयोजन प्रा. सावित्री तेलंगे ने किया l इस समारोह का संचालन हिंदी विभाग के प्रा. देविदास येळणे ने किया तो आभार प्रदर्शन प्रा. सावित्री तेलंगे ने किया l इस समारोह में प्रा. डॉ. संध्या ठाकुर, प्रा. डॉ. मंगेश अटकोरे महाविद्यालय के अध्यापक गण और छात्र एवं छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित थे l इस समारोह को सफल बनाने में हिंदी विभाग के छात्र अंकिता तोमर, वैष्णवी गोकुलवाले, निकिता तोमर, निखिल हैबते, वैशाली गायकवाड, विजय वागतकर, सूरज डाके, श्रावणी डहाळे, खुशी वर्मा, सुखजिंदरकौर जक्रेवाले आदि का योगदान रहा l
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