नांदेड (जालंधर/फगवाड़ा): 12 अगस्त 2026:
कला और सिनेमा के क्षेत्र में आज एक विशेष और यादगार अवसर देखने को मिला, जब हिंदी सिनेमा के प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक Rahul Rawail ने Lovely Professional University (LPU), पंजाब में कलाकार एवं लेखक डॉ. बालाजी भांगे की पहली पुस्तक ‘Art Sense’ का लोकार्पण किया।
Rahul Rawail हिंदी सिनेमा के उन चर्चित निर्देशकों में रहे हैं, जिन्होंने अपनी फिल्मों के माध्यम से कई यादगार कलाकारों और किरदारों को दर्शकों तक पहुंचाया। उनकी वर्ष 1983 में प्रदर्शित फिल्म ‘Betaab’ से सनी देओल और अमृता सिंह ने बतौर प्रमुख कलाकार हिंदी फिल्म जगत में पदार्पण किया था। रावल की फिल्म यात्रा में Love Story, Betaab, Arjun, Dacait, Yodha, Aur Pyaar Ho Gaya और Arjun Pandit जैसी चर्चित फिल्में शामिल हैं।
कला के क्षेत्र में लगभग दो दशकों से सक्रिय डॉ. बालाजी भांगे ने अपनी पहली पुस्तक ‘Art Sense’ के माध्यम से कला को केवल एक दृश्य माध्यम के रूप में नहीं, बल्कि मनुष्य की सोच, संवेदना, अनुभव और जीवन से जोड़ने का प्रयास किया है।
पुस्तक के लोकार्पण के अवसर पर डॉ. बालाजी भांगे ने कहा कि उनके लिए यह क्षण अत्यंत भावुक और गौरवपूर्ण है। एक कलाकार के रूप में वर्षों की यात्रा के बाद अपनी पहली पुस्तक को भारतीय सिनेमा की इतनी प्रतिष्ठित हस्ती के हाथों लॉन्च करवाना उनके लिए किसी विशेष उपलब्धि से कम नहीं है।
उन्होंने कहा, *एक कलाकार के लिए अपनी पहली किताब का जन्म अपने आप में एक सपने के सच होने जैसा है।
जब उस किताब का लोकार्पण राहुल रावल जी जैसी महान फिल्मी हस्ती के हाथों हो, तो यह पल जीवनभर की स्मृति बन जाता है।*
‘Art Sense’ के लोकार्पण को कला, साहित्य और सिनेमा के बीच एक खूबसूरत संगम के रूप में देखा जा रहा है। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने डॉ. बालाजी भांगे को उनकी इस नई रचनात्मक यात्रा के लिए शुभकामनाएं दीं।
डॉ. भांगे का मानना है कि कला केवल देखने की चीज नहीं, बल्कि महसूस करने, समझने और जीवन को नए दृष्टिकोण से देखने का माध्यम है। ‘Art Sense’ इसी विचार को पाठकों तक पहुंचाने की उनकी एक महत्वपूर्ण पहल है।
Rahul Rawail जैसे प्रतिष्ठित फिल्म निर्देशक के हाथों ‘Art Sense’ का लोकार्पण डॉ. बालाजी भांगे की कला एवं लेखन यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।


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